कभी उछलती कभी कूदती,
कभी बैठ कर ताका करती।
कभी बैठ कर दो पैरों से,
कुतर- कुतर पान खाया करती।
थोड़ी सी आहट पाकर फिर।
सरपट दौड़ लगाया करती।
सजग- सचेत रहें यह हरदम,
इससे गिलहरी कहते हैं हम।
कभी बैठ कर दो पैरों से,
कुतर- कुतर पान खाया करती।
थोड़ी सी आहट पाकर फिर।
सरपट दौड़ लगाया करती।
सजग- सचेत रहें यह हरदम,
इससे गिलहरी कहते हैं हम।
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